सुदामा पांडे ‘धूमिल’ II मैं होटल के तौलिया की तरहसार्वजनिक हो गया हूंक्या खूब, खाओ और...
काव्य कौमुदी
उसके लिए
डाॅ. सुमन सचदेव II उसने कहा – बारिश पसंद है मुझे और हम बरस पड़ेबन के घटा और तर बतर कर दिया...
कैसे जन्म दूं कविता?
डॉ. सांत्वना श्रीकांत II तुम्हें कैसे जन्म दूं कविता,पहले उस प्रसव पीड़ा सेमुझे गुजरने तो दो,जिससे...
नागार्जुन की कविता कल और आज
अश्रुत पूर्वा II अभी कल तकगालियां देती तुम्हेंहताश खेतिहर,अभी कल तकधूल में नहाते थेगोरैयों के...
कुछ सेदोका होली पर
विभय कुमार ‘दीपक’ II १ )अमराई में / कोयल रही कूक /मंडराते भंवरे / वसंत आया...
इस होली पर पांच रंग-तुम्हारे लिए
आज देना चाहता हूं तुम्हेंजिंदगी के पांच रंग,जानती हो न तुम,मैं अकसर क्यों तोड़ लाता हूंइंद्रधनुष...
ये इक दीवार सी जो है गिरा दो आज होली है
मनस्वी अपर्णा II तुम्हारे रंग में तन-मन भिगा दो आज होली हैमुहब्बत की रिवायत है निभा दो आज होली है...
एक छोटी सी मुलाकात
सर्वेश्वर दयाल सक्सेना II कुछ देर और बैठो-अभी तो रोशनी की सिलवटें हैंहमारे बीच।शब्दों के जलते...
मौला तेरी तलाश की आफ़त नहीं हमें
नरेश शांडिल्य II 1 ll वाइज़ तेरे बिहिश्त की चाहत नहीं हमेंमौला तेरी तलाश की आफ़त नहीं...
केदारनाथ सिंह की कविता रोटी
केदारनाथ सिंह II उसके बारे में कविता करनाहिमाकत की बात होगीऔर वह मैं नहीं करूंगामैं सिर्फ आपको...
‘नितेश व्यास की कविताएँ’
नितेश व्यास II १ .संताप प्रतीक्षाएँशून्य में बदलती आँखें इच्छाएँचींटियों की रेंगती पंक्तियाँ देह और...
कुछ मुक्तक
विभय कुमार II II 1 II इत्तेफ़ाक अच्छा था,इश्तियाक अच्छा था।ज़रा ही देर बस बैठे वो,नसीब ख़ाक अच्छा...
