अश्रुतपूर्वा II
नई दिल्ली। साहित्य अकादेमी का ‘साहित्योत्सव’ 11 मार्च से शुरू हो रहा है। यह छह दिन तक चलेगा। इसमें देश के पूर्व प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा, नोबेल पुरस्कार से सम्मानित कैलाश सत्यार्थी और उद्योगपति सुनीलकांत मुंजाल भीव्याख्यान देंगे। साहित्य अकादेमी के सचिव के. श्रीनिवास राव ने राजधानी में एक संवाददाता सम्मेलन कर बताया कि यह अब तक का सबसे बड़ा ‘साहित्योत्सव’ है। इसमें 40 कार्यक्रम आयोजित होंगे। उत्सव में चार सौ से ज्यादा लेखक और विद्वान हिस्सा लेंगे।
राव में बताया कि ‘साहित्योत्सव’ की शुरूआत साहित्य अकादेमी की साल भर की प्रमुख गतिविधियों की प्रदर्शनी से होगी। इसका उद्घाटन केंद्रीय संस्कृति राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल करेंगे। साहित्योत्सव के पहले दिन शाम को साहित्य पुरस्कार 2022 से उन लेखकों को सम्मानित किया जाएगा जिनके नामों की घोषणा कुछ समय पहले की गई थी। साहित्य अकादेमी 24 भारतीय भाषाओं में लेखकों को हर साल पुरस्कृत करती है।
साहित्य अकादेमी के सचिव के मुताबिक, इसी के साथ नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति को ध्यान में रखते हुए साहित्य और शिक्षा को जोड़ने के लिए रचनात्मकता और शिक्षा कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसमें जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय की कुलपति शांतिश्री धूलिपुडी पंडित समेत कई जाने-माने शिक्षाविद हिस्सा लेंगे।
राव के मुताबिक कूटनीति और साहित्य पर भी चर्चा की जाएगी क्योंकि हमारे साहित्य का विदेशों में प्रचार राजनयिक करते हैं। इस परिचर्चा में साहित्य से जुड़े राजनयिकों को आमंत्रित किया गया है जैसे विदेश मंत्रालय में वरिष्ठ पद पर रहे अभय के, अमेंद्र खुटआ और डीएम मुले शामिल हैं।
राव के मुताबिक 12 मार्च को पूर्व प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा प्राचीन महाकाव्यों और ग्रंथों के मिथक: कानून और जीवन से संबंधित आधुनिक व्याख्या विषय पर व्याख्यान देंगे। हीरो एंटरप्राइज के प्रमुख सुनीलकांत मुंजाल का भी इसी दिन विशेष व्याख्यान होगा। राव ने बताया कि ‘साहित्योत्सव’ के अंतिम दिन 16 मार्च को नोबेल पुरस्कार से सम्मानित सत्यार्थी ‘व्यक्ति और कृति’ विषय पर विशेष व्याखायान देंगे। राव ने बताया कि बच्चों के लिए विशेष कार्यक्रम भी होंगे।
‘साहित्योत्सव’ की शुरूआत साहित्य अकादेमी की साल भर की प्रमुख गतिविधियों की प्रदर्शनी से होगी। इसका उद्घाटन केंद्रीय संस्कृति राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल करेंगे। ‘साहित्योत्सव’ के पहले दिन शाम को साहित्य पुरस्कार 2022 से उन लेखकों को सम्मानित किया जाएगा जिनके नामों की घोषणा कुछ समय पहले की गई थी।
