अश्रुतपूर्वा II
नई दिल्ली। केके बिरला फाउंडेशन ने हिंदी के विख्यात व्यंग्य कथाकार डॉ. ज्ञान चतुर्वेदी को 32वां व्यास सम्मान देने का एलान किया है। फाउंडेशन की विज्ञप्ति के मुताबिक प्रोफेसर रामजी तिवारी की अध्यक्षता वाली चयन समिति ने डॉ. चतुर्वेदी को उनके व्यंग्य उपन्यास ‘पागलखाने’ के लिए व्यास सम्मान 2022 से सम्मानित करने का निर्णय किया है। यह उपन्यास 2018 में छपा था।
विज्ञप्ति के मुताबिक 1991 में शुरू किया गया व्यास सम्मान हिंदी में प्रकाशित साहित्यिक रचना के लिए भारतीय नागरिक को दिया जाता है। पुरस्कार में चार लाख रुपए, प्रशस्तिपत्र व फलक दिया जाता है। उत्तर प्रदेश में झांसी के मऊरानीपुर में दो अगस्त 1952 को जन्मे ज्ञान चतुर्वेदी की मध्य प्रदेश में हृदय रोग विशेषज्ञ के रूप में एक खास पहचान है। चतुर्वेदी की लेखन-यात्रा सत्तर के दशक से धर्मयुग से शुरू हुई थी।
डॉ. चतुर्वेदी का प्रथम उपन्यास ‘नरक-यात्रा’ अत्यन्त चर्चित रहा, जो भारतीय चिकित्सा विज्ञान की शिक्षा-व्यवस्था पर था। केके बिरला फाउंडेशन की विज्ञप्ति के मुताबिक, ज्ञान चतुर्वेदी की अब तक लगभग हजारों व्यंग्य रचनाएं प्रकाशित हो चुकी हैं। इनमें से ‘बारामासी’, ‘मरीचिका’ , ‘हम न मरब’, ‘प्रेम कथा’, ‘दंगे में मुर्गा’ और ‘मेरी इक्यावन व्यंग्य रचनाएं’ समेत अन्य शामिल हैं। बता दें कि 2015 में उन्हें पद्श्री से सम्मानित किया गया था। (मीडिया में अए समाचार की पुनर्प्रस्तुति)
व्यास सम्मान पिछले दस साल से हिंदी में प्रकाशित साहित्यिक रचना के लिए भारतीय नागरिक को दिया जाता रहा है। पुरस्कार में चार लाख रुपए, प्रशस्तिपत्र व फलक दिया जाता है। झांसी के मऊरानीपुर में जन्मे ज्ञान चतुर्वेदी की मध्य प्रदेश में हृदय रोग विशेषज्ञ के रूप में भी एक खास पहचान है।
