अश्रुतपूर्वा II
नई दिल्ली। कोलकाता में आयोजित 46वें अंतरराष्ट्रीय पुस्तक मेले का समापन हो चुका है। कई मायनों में यह पाठकों और लेखकों से लेकर प्रकाशकों तक के लिए यह सुखद स्मृतियां छोड़ गया है। खबर है कि मेले में 25 करोड़ रुपए से ज्यादा मूल्य की किताबें बिकी हैं। आयोजकों ने बताया कि करीब दो हफ्ते तक लगे मेले में 26 लाख से ज्यादा दर्शक पहुंचे।
पब्लिशर एवं बुकसेलर्स गिल्ड के महासचिव त्रिदिब चटर्जी के मुताबिक इस साल पुस्तक मेले में करीब 26 लाख लोग पहुंचे। उन्होंने बताया कि मेले की शुरुआत 31 जनवरी को हुई। बारह फरवरी को इसका समापन हो गया। उन्होंने बताया कि 1976 से लगने वाले इस पुस्तक मेले में किताबों की बिक्री और आने वाले लोगों की संख्या ने एक कीर्तिमान कायम किया है।
बता दें कि पिछले साल मेले में 24 लाख लोग आए थे। यह आयोजकों के लिए उत्साहजनक था। क्योंकि तब लोग कोरोना महामारी के बाद घरों से बाहर निकले थे। हालांकि, इस साल पिछले साल से अधिक लोग आए। यह आंकड़ा 26 लाख पार कर गया। लोगों के इस उत्साह ने आयोजकों में सचमुच जोश भर दिया। पुस्तक मेले के इतिहास में यह कीर्तिमान है।
गिल्ड के अध्यक्ष सुधांग्शु शेखर डे के मुताबिक पुस्तक मेले में सभी दुकानों पर पुस्तकों की बिक्री में छह से दस फीसद वृद्धि भी अपने आप में एक कीर्तिमान है। इस मेले में कुल 950 दुकानें थी, इसके अलावा बांग्लादेश मंडप में 70 दुकानें खोली गई। मेले में इस बार स्पेन थीम राष्ट्र था। यह मेला लोगों को लंबे समय तक याद दिलाता रहेगा। (यह खबर मीडिया में आए समाचार की पुनर्प्रस्तुति)
पिछले साल मेले में 24 लाख लोग आए थे। यह आयोजकों के लिए उत्साहजनक था। क्योंकि तब लोग कोरोना महामारी के बाद घरों से बाहर निकले थे। इस साल पिछले साल से अधिक लोग आए। यह आंकड़ा 26 लाख पार कर गया। लोगों के इस उत्साह ने आयोजकों में सचमुच जोश भर दिया। पुस्तक मेले के इतिहास में यह कीर्तिमान है।
