हरीश नवल II उस दिन वे मुझे बहुत दिनों बाद मिले। मिलते ही बोले, … गुरु जी हमेशा की तरह मैं...
साहित्य आरोहण
अपराध और दुर्व्यवहार की कहानी : बॉयज डोंट क्राई
मेघना पंत का कहना है कि यह एक सच्ची कहानी है। यह एक नियम पुस्तिका है जो दिल और दिमाग के मामलों पर...
चलिए चांद पर पीते हैं चाय
अश्रुत पूर्वा II नई दिल्ली, पांच जनवरी। चांद पर चाय पीने की कल्पना अपने आप में सुखद है। अगर कोई...
आखिर पिता से क्यों नाराज हुए राजकमल
सांत्वना श्रीकांत II हिंदी और मैथिली के चर्चित लेखक राजकमल चौधरी के जीवन में ऐसा क्या हुआ था कि वे...
तुसी कर दे की हो
हरीश नवल II मैं कॉलेज से छुट्टी लेकर अपनी पढ़ाई पूरी कर रहा था। उन्हीं दिनों ‘तोषी...
घात लगाती बिल्ली
हरीश नवल II घात, घातक, विश्वासघात और प्रतिघात शब्दों को हम पढ़ते सुनते रहे हैं। वृहत हिंदी कोश में...
परमबली
हरीश नवल II बचपन से हम सब रामायण और महाभारत की कथाएं पढ़ते और सुनते आए हैं। रामकथा में हनुमान और...
जियो तो खुल कर जियो
अश्रुत पूर्वा II नई दिल्ली। महामारी कारोना ने जीवन के कई सबक दिए हैं। जो है बस यही एक पल है। इसको...
स्त्री अस्तित्व की कविता का विराट फलक : स्त्री का पुरुषार्थ
मीना बुद्धिराजा II समकालीन स्त्री कविता की सबसे बड़ी विशेषता है कि उसमें क्रूर- हिंसक यथार्थ में...
दिखते हैं, होते नहीं
हरीश नवल II कैसी विडंबना है कि हम ‘होना’ नहीं ‘दिखना’ चाहते हैं। ‘दिखना’ पर हमारा विशेष जोरदार...
बड़े लोगों की बात ही और है
डॉ. अतुल चतुर्वेदी II सबसे बड़ी बात यह है कि बड़े लोग हमेशा कुछ बड़ा करने की सोचते हैं। उनका सोच...
संस्कृति से नई दुनिया रचतीं कहानीकार
अश्रुतपूर्वा II नई दिल्ली। नई दिल्ली। स्त्रियां जब लिखती हैं तो एक परंपरा और संस्कृति को समृद्ध...
