आज देना चाहता हूं तुम्हेंजिंदगी के पांच रंग,जानती हो न तुम,मैं अकसर क्यों तोड़ लाता हूंइंद्रधनुष...
कविताएं
एक छोटी सी मुलाकात
सर्वेश्वर दयाल सक्सेना II कुछ देर और बैठो-अभी तो रोशनी की सिलवटें हैंहमारे बीच।शब्दों के जलते...
केदारनाथ सिंह की कविता रोटी
केदारनाथ सिंह II उसके बारे में कविता करनाहिमाकत की बात होगीऔर वह मैं नहीं करूंगामैं सिर्फ आपको...
‘नितेश व्यास की कविताएँ’
नितेश व्यास II १ .संताप प्रतीक्षाएँशून्य में बदलती आँखें इच्छाएँचींटियों की रेंगती पंक्तियाँ देह और...
कुछ मुक्तक
विभय कुमार II II 1 II इत्तेफ़ाक अच्छा था,इश्तियाक अच्छा था।ज़रा ही देर बस बैठे वो,नसीब ख़ाक अच्छा...
महादेवी-महादेव
प्रेमशंकर शुक्ल II शिव फूल रचते हैंऔर गौरा सुगन्ध भरती हैं गौरा गीत गाती हैंऔर ताल देते हैं शिव...
आखिर कब तक
कुलदीप सिंह भाटी II नहीं बिखेरना चाहता है अब सूरजसुबह शाम आसमान मेंं सिंदूरी आभाखिलते हुए गुलाब...
विभय कुमार की तीन कविताएं
विभय कुमार ” दीपक ” II 1. नये शब्द ढूंढ रहा था,कुछ प्यार भरेनये शब्दतुम्हारे...
अमनदीप गुजराल ‘विम्मी’ की कविताएं
अमनदीप गुजराल ‘विम्मी’ II स्त्रियों का शुक्रिया कौन अदा करता है…...
तीन दिन बाद
विजया सिंह II तीन दिन बाद आप घर लौटते हैं तो पाते हैंइधर ब्रह्माण्ड की गतिविधियाँ विशेष रूप से...
अनुज कुमार की कविताएं
अनुज कुमार II कोलाहल कोलाहल मन में हो,या हो जल में,न छेड़ो,कुछ समय दे दो, जल में तल दिखेगा तब,मन को...
यूंही कहीं गुम हो जाना
अनीता पांडे II यूंही कहीं गुम हो जानाउसकी फितरत नहीं ,एक दिन वह गुम हुई स्त्री मिलेगीकिसी उत्कृष्ट...
