डॉ॰ सुमन सचदेवा II कहा उसनेबहुत प्यार है तुमसेमगर अपनी ज़रूरत,फ़ुर्सत व इच्छा से हीकर पाए इज़हार...
कविताएं
मैं आऊंगा
संजय स्वतंत्र II मैं आऊंगा –अधूरे ख्वाबों कोपूरा करने औरतुम्हारे चेहरे कोबना दूंगा...
प्रेम
ज्योतिष जोषी II प्रेमअपने मेंहोने की खोज हैया कहीं खो गए अधूरे मन कीपूर्णता का अनवरत अधीर प्रयत्नजो...
विदा
ज्योतिष जोशी II पौ फटने के पहलेकहा बिछली घास पर पसरी ओस नेविदाकहा पखेरुओं ने पीपल की झुकी शाख पर...
धुंधली – सी छाया
ज्योतिष जोषी II कभी पास से देखिएमंडराती हैं छायाएं आपके आसपासउनके धुंधले रूप चकित करते हैंजब वे...
शमशेर बहादुर सिंह की कविता चुका भी हूं मैं नहीं
शमशेर बहादुर सिंह II चुका भी हूं मैं नहींकहां किया मैंने प्रेमअभी। जब करूंगा प्रेमपिघल उठेंगेयुगों...
विजया सिंह की कविताएं
विजया सिंह II मच्छर मच्छर सुन्दर संगीत का वाहक हैएक उड़ता हुआ गवैयाजो अपने पंखों से मधुर संगीत...
धूमिल की कविता ‘सार्वजनिक जिंदगी’
सुदामा पांडे ‘धूमिल’ II मैं होटल के तौलिया की तरहसार्वजनिक हो गया हूंक्या खूब, खाओ और...
उसके लिए
डाॅ. सुमन सचदेव II उसने कहा – बारिश पसंद है मुझे और हम बरस पड़ेबन के घटा और तर बतर कर दिया...
कैसे जन्म दूं कविता?
डॉ. सांत्वना श्रीकांत II तुम्हें कैसे जन्म दूं कविता,पहले उस प्रसव पीड़ा सेमुझे गुजरने तो दो,जिससे...
नागार्जुन की कविता कल और आज
अश्रुत पूर्वा II अभी कल तकगालियां देती तुम्हेंहताश खेतिहर,अभी कल तकधूल में नहाते थेगोरैयों के...
कुछ सेदोका होली पर
विभय कुमार ‘दीपक’ II १ )अमराई में / कोयल रही कूक /मंडराते भंवरे / वसंत आया...
