सांवर अग्रवाल II बोले दादाजी मुनकी से,चल बाजार घुमा लाऊं,कंधे पर बैठा कर तुम्हें,सारी दुनिया दिखा...
बालवाटिका
नितारा, आंखों का तारा
सांवर अग्रवाल II ओ मेरी नितारा,सभी की आंखों का तारा,केवल तुम पीती हो मिल्क,देखो हम लाए डेयरी मिल्क।...
कुट्टी
सुभद्रा कुमारी चौहान II मोहन से तो आज हो गईहै मेरी कुट्टी अम्मा।अच्छा है शाला जाने सेमिली मुझे...
गर्मी आई, चिप चिप गर्मी आई
सांवर अग्रवाल II गर्मी आई गर्मी आई,पसीने अपने साथ लाई,चिप-चिप, चिप-चिप, चिप-चिप।मुन्नी देखो कैसे...
हम से क्यों रूठ गई भोली-भाली गोरैया
संजय II भारत के बड़े शहरों में गौरेया कम दिखाई देती है। कई जगह तो यह दिखती भी नहीं। घर-आंगन में...
क्या कभी देखी हैं उड़ने वाली गिलहरियां
अश्रुतपूर्वा II बच्चो, नन्ही प्यारी सी गिलहरी के पीछे तो तुम जरूर भागे होगे। वह झटपट दौड़ कर पेड़...
अगले जन्म में फिर बनना मेरे पिता
राकेश धर द्विवेदी II याद आता हैजब मैं छह माह का थामध्यरात्रि में नन्हें हाथों सेसे जगाता था तुम्हें...
भाई का प्यार
सांवर अग्रवाल II नहीं थे घर में खाने को दानेसब दोस्त मारते थे तानेभाई का आया जन्मदिनमन हुआ रिमझिम...
लालच की सीमा
एक बार की बात है, कई भेड़ एक हरे भरे जंगल में चर रही थी। तभी वहाँ एक शिकारी आ गया और उन भेड़ों से...
कदंब का पेड़
सुभद्रा कुमारी चौहान II यह कदंब का पेड़ अगर मां होता यमुना तीरे।मैं भी उस पर बैठ कन्हैया बनता धीरे...
मां के आंसू
राकेश धर द्विवेदी स्कूल जाते बच्चों की मांउठ जाती है भोर मेंबच्चों का टिफिनझटपट कर देती है...
‘मां मत हटाओ रजाई’
सांवर अग्रवाल II मां मत हटाओ रजाई,इसमें कितनी है गरमाई,स्कूल की है छुट्टी,मुझे पीने दो न फ्रूटी।...
