बालवाटिका

Baal-Kavita

बोले दादाजी मुनकी से

सांवर अग्रवाल II बोले दादाजी मुनकी से,चल बाजार घुमा लाऊं,कंधे पर बैठा कर तुम्हें,सारी दुनिया दिखा...

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नितारा, आंखों का तारा

सांवर अग्रवाल II ओ मेरी नितारा,सभी की आंखों का तारा,केवल तुम पीती हो मिल्क,देखो हम लाए डेयरी मिल्क।...

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कुट्टी

सुभद्रा कुमारी चौहान II मोहन से तो आज हो गईहै मेरी कुट्टी अम्मा।अच्छा है शाला जाने सेमिली मुझे...

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भाई का प्यार

सांवर अग्रवाल II नहीं थे घर में खाने को दानेसब दोस्त मारते थे तानेभाई का आया जन्मदिनमन हुआ रिमझिम...

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कदंब का पेड़

सुभद्रा कुमारी चौहान II यह कदंब का पेड़ अगर मां होता यमुना तीरे।मैं भी उस पर बैठ कन्हैया बनता धीरे...

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मां के आंसू

राकेश धर द्विवेदी स्कूल जाते बच्चों की मांउठ जाती है भोर मेंबच्चों का टिफिनझटपट कर देती है...

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‘मां मत हटाओ रजाई’

सांवर अग्रवाल II मां मत हटाओ रजाई,इसमें कितनी है गरमाई,स्कूल की है छुट्टी,मुझे पीने दो न फ्रूटी।...

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