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हिंदी में बद्री नारायण, अंग्रेजी में अनुराधा रॉय को साहित्य अकादेमी पुरस्कार

अश्रुतपूर्वा II

नई दिल्ली। साहित्य अकादेमी ने वर्ष 2022 के अपने प्रतिष्ठित ‘साहित्य अकादेमी’ और ‘साहित्य अकादेमी अनुवाद’ पुरस्कारों का एलान कर दिया है। अकादेमी के मुताबिक हिंदी के लिए बद्री नारायण, अंग्रेजी के लिए अनुराधा रॉय और उर्दू के लिए अनीस अशफाक समेत 23 भारतीय भाषाओं के लेखकों को 2022 के प्रतिष्ठित साहित्य अकादेमी पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। वहीं ‘अनुवाद पुरस्कार’ की श्रेणी में हिंदी में तकनीकी कारणों से पुरस्कार की घोषणा नहीं गई है।
अकादेमी के सचिव के. श्रीनिवास राव के मुताबिक अंग्रेजी में एन कल्याण रमन, उर्दू में रेणु बहल और पंजाबी में भूपिंदर कौर ‘प्रीत’ को ‘साहित्य अकादेमी अनुवाद’ पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। राव ने दिल्ली में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि नारायण को हिंदी में उनके कविता संग्रह ‘तुमड़ी के शब्द’ के लिए प्रतिष्ठित साहित्य अकादेमी पुरस्कार दिया जाएगा। अनुराधा रॉय को अंग्रेजी में उनके उपन्यास ‘आॅल द लाइव्स वी नेवर लिव्ड’ के लिए तथा उर्दू में अशफाक को उनके उपन्यास ‘ख्वाब सराब’ के लिए साहित्य अकादेमी पुरस्कार से नवाजा जाएगा।
इनके अलावा संस्कृत में जनार्दन प्रसाद पाण्डेय ‘मणि’ को ‘दीपमाणिक्य’ (कविता संग्रह) के लिए, मैथिली में अजित प्रसाद को पेन-ड्राइव में पृथ्वी (कविता-संग्रह) के लिए, मराठी में प्रवीण दशरथ बांदकर को उजव्या सोंडेच्या बाहुल्या (उपन्यास) के लिए साहित्य अकादेमी पुरस्कार दिया जाएगा। 
कश्मीरी में फारूक फयाज को उनकी साहित्यक समालोचना ‘जायल डब’ के लिए, गुजराती में गुलाम मोहम्मद शेख को आत्मकथात्मक निबंध ‘घेर जतां’ के लिए, नेपाली में केबी नेपाली को उनके नाटक ‘साइनो’ के लिए, पंजाब में सुखजीत को कहानी संग्रह ‘मैं अयंतघोष’ के लिए मुख्य पुरस्कार से पुरस्कृत किया जाएगा।

बद्री नारायण हिंदी के विख्यात कवि हैं। उन्हें हिंदी कविता में विशिष्ट योगदान के लिए केदार सम्मान से भी सम्मानित किया जा चुका है।

सचिव ने बताया कि 23 भाषाओं के लिए घोषित इन पुरस्कारों में सात कविता संग्रह, छह उपन्यास, दो कहानी संग्रह, दो साहित्य समालोचना, तीन नाटक और एक आत्मकथा समेत अन्य कृतियां शामिल हैं। बांग्ला में पुरस्कार का एलान तकनीकी कारणों से कुछ दिनों के बाद होगा। कुल 17 भाषाओं के लेखक-लेखिकाओं को अनुवाद पुरस्कार प्रदान करने की फिलहाल घोषणा की गई है। 
बांग्ला, हिंदी, कोंकणी, मणिपुरी, ओडिया और संताली और मैथिली में तकनीकी कारणों से अनुवाद पुरस्कारों की घोषणा कुछ दिन बाद होगी। शास्त्रीय और मध्ययुगीन साहित्य में योगदान देने के लिए डॉ. उदयनाथ झा को पूर्वी क्षेत्र से वर्ष 2022 का भाषा सम्मान देने का फैसला किया गया है।
बता दें कि साहित्य अकादेमी हर साल कुल 24 भारतीय भाषाओं के लेखकों को विभिन्न श्रेणियों में पुरस्कृत करती है। इन पुरस्कारों की अनुशंसा इन भारतीय भाषाओं की निर्णायक समितियों ने की। साहित्य अकादेमी के अध्यक्ष डॉ. चंद्रशेखर कम्बार की अध्यक्षता में आयोजित अकादेमी के कार्यकारी मंडल की बैठक में इन्हें अनुमोदित किया गया।
साहित्य अकादेमी सचिव के मुताबिक, ‘साहित्य अकादमी पुरस्कार’ और ‘भाषा सम्मान’ से नवाजे जाने वाले लेखक-लेखिकाओं को एक उत्कीर्ण ताम्रफलक, शॉल और एक-एक लाख रुपए की राशि दी जाएगी। साहित्य अकादेमी अनुवाद पुरस्कार के लिए उत्कीर्ण ताम्रफलक, शॉल और 50-50 हजार रुपए की राशि दी जाएगी। 
राव के मुताबिक ‘साहित्य अकादेमी पुरस्कार’ अगले साल 11 मार्च को एक कार्यक्रम में प्रदान किए जाएंगे। साहित्य अकादेमी मुख्य और अनुवाद पुरस्कार एक जनवरी 2016 से 31 दिसंबर 2020 के दौरान प्रकाशित पुस्तकों पर घोषित किए गए हैं। (मीडिया में आए समाचार की पुनर्प्रस्तुति)

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