नई दिल्ली। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय और पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के लिए संयुक्त हिंदी परामर्श समिति गठित की जाएगी। केंद्र सरकार ने यह फैसला किया है। यह समिति संबंधित विभागों को आधिकारिक भाषा और आधिकारिक कार्यों में हिंदी के प्रगतिशील प्रयोग पर सलाह देगी।
इस समिति का कार्यकाल गठन के दिन से अगले तीन साल के लिए होगा। समिति में 32 सदस्य होंगे।
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने कहा कि समिति का कार्य संबंधित विभागों को संविधान में निहित आधिकारिक भाषा, केंद्रीय हिंदी समिति के फैसलों और राजभाषा भाषा विभाग द्वारा जारी निर्देशों, गृह मंत्रालय द्वारा आधिकारिक कार्य में हिंदी के प्रगतिशील तरीके से इस्तेमाल संबंधी प्रावधानों को लेकर परामर्श देने का होगा। (स्रोत एजंसी)

केंद्र सरकार ने यह फैसला किया है। यह समिति संबंधित विभागों को आधिकारिक भाषा और आधिकारिक कार्यों में हिंदी के प्रगतिशील प्रयोग पर सलाह देगी।

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