लिली मित्रा ।। अश्विन मास के लगते ही प्रकृति जैसे देवी-देवताओं के धरा आगमन की तैयारी में जुट जाती...
आलेख
मानवीयता और नैतिकता का तकाज़ा
डा. दीप्ति गुप्ता II कुछ समय से पत्र-पत्रिकाओं में, तो कभी फेसबुक पर, लेखकों की तरह-तरह से...
कितना अच्छा है, कि मध्यप्रदेश में उज्जयिनी है।
डॉ चंद्रिका चंद्र II भगवत रावत की एक कविता है- ‘कितना अच्छा है कि मैं मध्यप्रदेश का हूँ/ और...
सौंदर्य और प्रेम के भी कवि हैं दिनकर
रामधारी सिंह दिनकर सिर्फ राष्ट्रीय चेतना के ही कवि नहीं हैं। वे सौंदर्य और प्रेम के भी कवि है।...
बाजार में कला और उसका तंत्र
ज्योतिष जोशी II यह बात सच है कि भारत में अंतरराष्ट्रीय नीलाम कम्पनियों के आने के बाद निरंतर कला को...
हिन्दी, साहित्य भर नहीं, भाषा भी है
डॉ चंद्रिका प्रसाद चंद्र II महानता के अनेक विशेषणों के बोझ से दबे अपने देश में मुख्यत: तीन...
चमत्कार को नमस्कार
रविदत्त गौड़ II बालकाण्ड में राजा प्रतापभानु का एक प्रसंग है, जहां वे एक कपटी मुनि के मायाजाल में...
